भगतसिंह के अधूरे कार्यों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी

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Completing the unfinished works of Bhagat Singh would be a true tribute to him.
भगतसिंह जयंती पर आयोजित कार्यक्रम

जौनपुर। भारतीय आजादी आंदोलन की गैर समझौतावादी धारा के महान क्रांतिकारी  शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 114 जयंती के अवसर पर आल इण्डिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन (AIDSO) के द्वारा पहितियापुर (जौनपुर) में भगत सिंह की प्रतिमा के समक्ष जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर AIDSO(छात्र संगठन) के दिलीप कुमार, सन्तोष कुमार, विवेक, सेराज, सपना, एकता, दीक्षा व एसयूसीआई (सी) के अशोक कुमार खरवार, मिथिलेश मौर्य के अलावां अन्य कई छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

वक्ताओं ने कहा कि शहीद ए आजम भगत सिंह का सपना था कि भारत को अंग्रेजों से मुक्त कराने के बाद भारत को एक समाजवादी मुल्क बनायेंगे, जिसमें मानव के द्वारा मानव के शोषण का खात्मा हो जाएगा और देश में अमन चैन व खुशहाली आएगी। लेकिन आजादी के 75 वर्षों के बाद भी भारतीय समाज उनके सपनों से कोसों दूर है। इसलिए आज छात्र नौजवानों के सामने भगत सिंह की गैर समझौतावादी क्रांतिकारी विचारधारा प्रेरणा स्रोत है। उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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