इनिशिएटिव फाउन्डेशन इंडिया ने मनाया ग्रैंड पैरेंट्स डे

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Initiative Foundation India celebrates Grand Parents Day
ग्रैंड पैरेंट्स डे पर बुजुर्गों से संवाद करते हुए इनिशिएटिव फाउंडेशन के कार्यकर्ता

 लखनऊ। आज इनिशिएटिव फाउन्डेशन इंडिया के सदस्य और वालेंटियर्स ने लखनऊ के राजाजीपुरम, पारा, मानकनगर, सरोजनीनगर, ऐशबाग के स्लम एरिया में रहने वाले बुजुर्ग और बेसहारा लोगों के साथ ग्रैंड पैरेंट्स डे मनाया। कार्क्रम का मुख्य उद्देश्य समुदाय में जागरूकता लाने एवं बुजुर्ग, ग्रैंड पैरेंट्स की मदद करना था। आज के अभियान में इनिशिएटिव फाउन्डेशन के सदस्यों और वालेंटियर्स ने 50 बेसहारा और असहाय बुजुर्गो के साथ समय बिताते हुए उन्हें जरुरी सामान वितरित किया. इस मौके पर संस्था ने बच्चों और युवाओं को अपने दादा-दादी एवं नाना-नानी के प्रति आदर का भाव रखने एवं उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया।

दादा-दादी दिवस के अवसर पर चलाये गए जागरूकता अभियान में इनिशिएटिव फाउन्डेशन इंडिया के निदेशक अमित ने कहा की कोविड 19 ने हमारे बुजुर्गों को सबसे अधिक प्रभावित किया हैं. जिसके कारण बुजुर्गों को शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक परेशानियों से गुजरना पड़ रहा हैं. आज बुजुर्गों को अकेलापन, अलगाव, चिंता और भुलाए जाने की भावना सता रही हैं। लॉकडाउन में बुजुर्ग, दादा-दादी को अपने परिवार और प्रियजनों से सामाजिक रूप से दूरी बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। आज हमारे समाज में अधिकतर बुजुर्ग बेहद मुश्किलों का सामना कर रहें हैं।

उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा की  अपने परिवार के साथ-साथ अपने आस पास के बुजुर्गों के लिए कुछ समय निकालें और उन्हें बतायें कि हम सब उनकी परवाह करते हैं। आज हमारे आस पास से लेकर देश में कई भूले-बिसरे दादा-दादी और बुजुर्ग हैं, जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है. जो दो वक्त का भोजन भी नहीं कर सकते, क्योंकि कोविड महामारी ने बहुतों की आजीविका और स्रोत छीन लिया है। बुजुर्ग अभी भी जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में हमें उन लोगों की मदद करनी चाहिए जो खुद की मदद नहीं कर सकते।

ग्रैंड पैरेंट्स डे के अवसर पर इनिशिएटिव फाउण्डेशन इंडिया ने 50 बुजुर्ग और दादा दादी को दिया उपहार।

सामाजिक कार्यकर्ता और संस्था की सदस्य श्रीमती सरला ने संस्था के प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि आजकल एकल परिवार का चलन बढ़ रहा है। शिक्षा और दीगर व्यस्तताओं के कारण बच्चों की अपने ग्रैंड पैरेंट्स से दूरियां बढ़ती जा रही हैं, जो कि समाज के लिए अच्छी बात नहीं है। श्रीमती सरला ने कहा कि थोड़े से प्रयास और सामंजस्य द्वारा इस कठिनाई को दूर किया जा सकता है। यह हर माता-पिता का दायित्व है कि वे बच्चों को दादा-दादी, नाना-नानी के साथ कुछ समय बिताने का अवसर जरूर दें, इससे उनमें जहां अपनत्व का भाव पैदा होगा वहीं वे परिवार के मायने भी समझ पाएंगे।

संस्था की युवा टीम लीडर पूजा ने ग्रैंड पैरेंट्स का हौसला बढ़ाते हुए सभी से आह्वान किया कि वे अपने से बड़ों का आदर करें, उनके मान-सम्मान और उनकी जरूरतों का ध्यान जरूर रखें। हर बच्चे का परम कर्तव्य है कि वह अपने ग्रैंड पैरेंट्स को सम्मान दे क्योंकि पहली पाठशाला परिवार ही है, जहां पुस्तकें नहीं बल्कि स्नेह और प्यार का पाठ पढ़ाया जाता है। आज के कार्यक्रम में शिवराज, सरला, रिंशु, अन्नों, सूरज, सोनी,कल्पना, शामिल रहें।

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