बच्चों पढ़ाई का बोझ न पड़े, इसलिए स्कूलों में सहज माहौल देने के निर्देश, परीक्षा पर रोक

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Children should not be burdened with studies, so instructions to provide comfortable environment in schools, ban on examination
छात्रों का ध्यान धीरे—धीरे पढ़ाई की ओर लगाना है।

लखनऊ। कोरोना वायरस की वजह से लगातार कई महीनों से बच्चे घर से बाहर नहीं निकले। उन्हें अब परीक्षा और टेस्ट से डर लगने लगा है, इस वजह से कई छात्र स्कूल जाने से कतरा रहे है। ऐसे छात्रों के मन से परीक्षा का डर मिटान के लिए शिक्षा विभाग ने अभी ​मौखिक या लिखित परीक्षा लेने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही छात्रों को स्कूल में उनके अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए है। छात्रों का ध्यान धीरे—धीरे पढ़ाई की ओर लगाना है।

शिक्षा विभाग से जारी गाइड लाइन के अनुसार कक्षा 6 से 8 तक में हिन्दी और गणित विषय के अध्ययन पर अधिक जोर दिया जाएगा, इसके साथ ही विज्ञान व अंग्रेजी विषय पर भी ध्यान दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने कोरोना काल में लंबे अर्से बाद खुले स्कूलों में पठन-पाठन के दिशा निर्देश जारी किए हैं।

कहानियां सुनाकर करें बच्चों को प्रेरित

विशेषज्ञयों का मानना है कि कोरोना की दूसरी लहर की वजह से काफी दिन बाद बच्चे स्कूल आ रहे हैं ऐसे मे उन पर स्कूल आते ही पढ़ाई का बोझ डालने की जगह सहज वातावरण दिया जाएगा। शिक्षकों को बच्चों के साथ खेल गतिविधियां करने के निर्देश दिए हैं, इसके साथ ही पहले और दूसरे सप्ताह में रोजाना बच्चों को एक शिक्षाप्रद कहानी सुनाई जाएगी। कक्षा 1 से 5 में प्रतिदिन एक घंटे गणित व एक घंटा हिन्दी की पढ़ाई कराई जाएगी। शेष समय में बच्चों के साथ खेलकूद की गतिविधियों के साथ बच्चों को पुस्तकालय की पुस्तकें पढ़ने का अवसर दिया जाएगा।कोरोना के कारण लर्निंग गैप को दूर करने के लिए शिक्षकों व बच्चों के साथ गतिविधियां आयोजित कर बच्चों के वर्तमान शैक्षिक स्तर को समझा जाएगा। विभाग की सचिव अनामिका सिंह ने अग्रिम आदेश तक किसी भी स्थिति में बच्चों का किसी प्रकार का टेस्ट, लिखित या मौखिक परीक्षा नहीं कराने के निर्देश दिए है।

दो पालियों में चलते रहेंगे स्कूल

विद्यालयों को पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ही अभी चलाया जाएगा। जिन विद्यालयों में बच्चे अधिक संख्या में उपस्थित हो रहे हैं वहां पठन-पाठन तीन-तीन घंटे की दो पालियों में संचालित किया जाएगा। ऐसे विद्यालय जहां बच्चों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है वहां एक ही पाली में सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक स्कूल का संचालन किया जाएगा।

ई-पाठशाला भी चलेगी

यूपी दूरदर्शन पर प्रतिदिन सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक ई-पाठशाला का आयोजन किया जाएगा। ई पाठशाला के संचालन के लिए प्रदेश स्तर से कक्षावार एवं विषयवार शैक्षणिक सामग्री प्रत्येक रविवार को सुबह 10 बजे वाट्सएप ग्रुप से शिक्षकों को दी जाएगी। शिक्षक उस सामग्री को अभिभावकों के वाट्सएप ग्रुप में साझा करेंगे। राज्यस्तर से प्रत्येक शनिवार को वाट्सएप के माध्यम से साप्ताहिक क्विज प्रतियोगिता की सामग्री भी साझा की जाएगी।

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