टोक्यो पैरालंपिक: हाई जम्प में प्रवीण कुमार गोल्ड से चूके मिला सिल्वर , पीएम ने दी बधाई

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Tokyo Paralympics: Praveen Kumar missed out on gold in high jump, had to be satisfied with silver, PM congratulated
फिलहाल पदक तालिका में भारत 36वें स्थान पर है। 

टोक्यो। जापान के टोक्यो शहर में चल रही पैरालंपिक खेलों के महाकुंभ में भारत के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। देश के लिए एथलीट प्रवीण कुमार ने हाई जंप में चांदी जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने पुरुषों की टी-64 स्पर्धा के फाइनल में रजत पदक जीता।

इस मुकाबले में नोएडा के रहने वाले प्रवीण ने 2.07 मीटर की छलांग लगाई और दूसरे स्थान पर रहे। ब्रिटेन के ब्रूम एडवर्ड्स जोनाथन ने 2.10 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि पोलैंड के लेपियाटो मासिएजो ने 2.04 मीटर की जंप के साथ कांस्य पदक जीता।

स्वर्ण जीतने से चूके प्रवीण

आपकों बता दें कि प्रवीण शुरू से मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे, ऐसा लग रहा था कि स्वर्ण पदक जीत लेगें, लेकिन वह इस उपलब्धि को अपने नाम करने से चूक गए। ब्रिटेन के ब्रूम एडवर्ड्स ने उन्हें पीछे कर दिया। जिसके बाद भारतीय एथलीट को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। प्रवीण कुमार की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी। अपने बधाई संदेश में पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा, प्रवीण के पैरालंपिक में सिल्वर पदक जीतने पर गर्व है, यह मेडल उनके कठोर परिश्रम और लगातार मेहनत का परिणाम है, उन्हें बधाइयां। प्रवीण को भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

टी-64 स्पर्धा में वे खिलाड़ी भाग लेते हैं जिनका पैर किसी वजह से काटना पड़ा हो और कृतिम पैर के जरिए खड़े होकर खेलते हों। फिलहाल प्रवीण टी-44 कैटेगरी से आते हैं और वह टी-64 में भी हिस्सा ले सकते हैं। वहीं टोक्यो पैरालंपिक में ऊंची कूद स्पर्धा में अब भारत के पदकों की संख्या चार हो गई है। इस स्पर्धा में भारत की तरफ से मरियप्पन थंगवेलु, शरद कुमार और निषाद कुमार पहले ही पदक जीत चुके हैं।
टोक्यो पैरालंपिक में भारत अब तक 11 मेडल जीत चुका है जिनमें दो स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। इन खेलों में यह भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। फिलहाल पदक तालिका में भारत 36वें स्थान पर है।

भारत का अब तक का शानदार प्रदर्शन

टोक्यो पैरालिंपिक में भारतीय खिलाड़ियों ने देश के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। इससे पहले 2016 के रियो खेलों में भारत को सबसे ज्यादा पदक मिले थे। इस बार निशानेबाज अवनि लेखारा और भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल ने स्वर्ण पदक जीता है, जबकि प्रवीण भारत के छठे रजत पदक विजेता हैं। इनसे पहले, पैडलर भावना पटेल, भाला फेंक खिलाड़ी देवेंद्र झाझरिया, चक्का फेंक खिलाड़ी योगेश कथुनिया और ऊंची छलांग लगाने वाले थंगावेल्लू और निषाद ने यह कमाल दिखाया है। वहीं भारत के कुछ खिलाड़ी बीती रात स्वदेश लौट आए। इनका भव्य स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार पदक विजेताओं के संपर्क में रहे और हौंसला बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। टोक्यो पैरालिम्पिक्स खत्म होने के बाद भी प्रधानमंत्री सभी खिलाड़ियों से मिल सकते हैं।

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