Sunday, September 25, 2022
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मऊ में एक साथ तीन मासूमों का शव देख कांप गया कलेजा, गांव में लगी भीड़, जानिए मामला

मऊ। यूपी के मऊ जनपद में शुक्रवार सुबह दिल दहलाने वाले मंजर ने सभी को रूलाकर रख दिया।यहां एक साथ तीन मासूम बच्चों की पानी में डूबकर मौत से होने से गांव रोने और चीखने की आवाज से कांप गया। दरअसल मऊ के कोपागंज थाना क्षेत्र के यूसुफपुर गांव में शुक्रवार की सुबह शौच के लिए घर से निकले तीन बच्चों की गड्ढे में भरे पानी में डूबने से मौत हो गई।

कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे कुछ ग्रामीणों की नजर गड्ढे की ओर गई तो तीन बच्चों का शव उतराया देख उनके होश उड़ गए। तीन बच्चों की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तीनों मासूमों के शवों को पानी से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।तीन बच्चों की मौत की खबर मिलते ही गांव में भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। ग्रामीणों से मिली जानकाीर के अनुसार मृत दो बच्चे ननिहाल आए थे। बच्चों की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। हादसे में मरने वाला एक बच्चा बलिया जिले का रहने वाला था। वह अपनी मां के साथ ननिहाल आया था।

कोपागंज थानाध्यक्ष अजय तिवारी ने बताया कि शुक्रवार की सुबह करीब सात बजे यूसुफपुर गांव के बाहर एक ईंट भट्ठे के पास पानी भरे गड्ढे में तीन बालकों के शव मिलने की सूचना मिली। सूचना पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। परिजनों व ग्रामीणों से पूछताछ जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृत बच्चों की पहचान अरुण (4) पुत्र अनिल निवासी चकरा, शुभम (6) पुत्र रामशीष यूसुफपुर कोपागंज, हंस उर्फ अनीश (3) पुत्र आदित्य बलिया जिले के करनी गांव निवासी के रूप में हुई।बताया कि तीनों बच्चे एक साथ सुबह शौच के लिए गांव के बाहर आए थे। पानी भरे गड्ढे में तीनों बच्चों की डूबने से मौत हो गई। सुबह का समय और गांव के बाहर की घटना होने के चलते बच्चों की आवाज कोई सुन नहीं सका और यह हादसा हो गया।

मां का इकलौता बेटा था अनीश

यूसुफपुर गांव में एक साथ तीन बच्चों की मौत से मातम पसर गया। कोपागंज कस्बे के लोग गमगीन हैं। बताया जा रहा कि घटना में मृत बालक अनीश अपने मां पिता का इकलौता पुत्र था। 22 दिन पहले ही अनीश अपने मां के साथ नाना की तबीयत खराब होने पर ननिहाल में आया था।इसके अलावा चकरा निवासी अरुण भी अपने नाना के यहां 22 दिन पहले ही अपने माता पिता के साथ आया था। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। सांत्वना देने के लिए किसी के पास शब्द नहीं है। जिसे देखो दर्दनाक मंजर देखकर रो रहा है।

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