अफगानिस्तान में आतंकी हमले में 12 यूएस कमांडो समेत 80 की लोगों की मौत

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80 killed including 12 US commandos in terrorist attack in Afghanistan
जो बाइडेन ने कहा कि सैनिकों के परिवार के साथ हमारी संवेदनाएं हैं।

काबुल।अफगानिस्तान में गुरुवार शाम को हुए आतंकी हमले में 80 लोगों की अब तक मौत की खबर है। यह आतंकी हमला अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सामने हुआ।अमेरिकी अखबार ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के मुताबिक, अब तक 80 लोग मारे जा चुके हैं और 200 से ज्यादा लोग घायल हैं। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, आतंकी संगठन ISIS के खुरासान ग्रुप ने हमले की जिम्मेदारी ली है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के जनरल कैनेथ मैकेंजी ने कहा है कि मरने वालों में 12 मरीन कमांडो शामिल हैं, जबकि 15 घायल हैं। काबुल एयरपोर्ट से तमाम फ्लाइट ऑपरेशन्स बंद कर दिए गए हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने जानकारी दी कि गुरुवार शाम को हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अब्बे गेट पर पहला ब्लास्ट हुआ। कुछ ही देर बाद एयरपोर्ट के नजदीक बैरन होटल के पास दूसरा धमाका हुआ। यहां ब्रिटेन के सैनिक ठहरे हुए थे। एयरपोर्ट के बाहर तीन संदिग्धों को देखा गया था। इसमें से दो आत्मघाती हमलावर थे, जबकि तीसरा बंदूक लेकर आया था। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।

अफगानिस्तान छोड़ने को विदेशी बेताब

यूएस सेंट्रल कमांड के जनरल मैकेंजी ने कहा- फिलहाल, 5 हजार लोग काबुल एयरपोर्ट पर फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं। वे किसी तरह से अफगानिस्तान छोड़ना चाहते है। इनमें एक1 हजार अमेरिकी हैं। 14 अगस्त से अब तक हम एक लाख चार हजार सिविलियंस को निकाल चुके हैं। इनमें से 66 हजार अमेरिका और 37 हजार हमारे सहयोगी देशों के नागरिक हैं।रशियन मीडिया के मुताबिक, आतंकी संगठन ISIS ने काबुल एयरपोर्ट पर हमले की जिम्मेदारी ली है। उसने फिदायीन हमलावर का फोटो भी जारी किया है।

वाइस प्रेसिडेंट कमला हैरिस ने न्यूसॉम में रैली रद्द की। वॉशिंगटन लौट रही हैं। पेंटागन ने कहा- हमलावरों की पहचान की जा रही है। अमेरिका कार्रवाई के लिए आजाद है। ब्रिटेन और अमेरिका ने कहा है कि काबुल धमाकों के बाद भी लोगों को एयरलिफ्ट करने का काम जारी रखेंगे। भारत ने इस आतंकी हमले की निंदा की है। इसी बीच जर्मनी ने लोगों वहां से निकालने पर रोक लगा दी है। हालांकि, ब्लास्ट में घायल लोगों के लिए उसने अपना एक इमरजेंसी प्लेन एयरपोर्ट पर लगा रखा है।

तालिबान ने तुर्की के हैबर्टर्क टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा है कि विदेशी सेना तय समय में काबुल छोड़ दे। हम अब और आतंकी हमले नहीं देखना चाहते।काबुल हवाई अड्डे के पास हमले के बाद ब्रिटेन ने एयरलाइंस को अफगानिस्तान के ऊपर 25,000 फीट से नीचे उड़ान भरने से बचने का निर्देश दिया है। इस बीच देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति प्रेस कांफ्रेंस में बोले कि हम हमला करने वालों को छोड़ेंगे नहीं। जो बाइडेन ने काबुल एयरपोर्ट हमले की निंदा करते हुए कहा कि सैनिकों की मौत बेहद दुखद है, दूसरों की जान बचाने में अमेरिकी सैनिकों का बलिदान हम कभी भुलेंगे नहीं और ना ही माफ करेंगे। हम आतंकियों को ढूंढकर मारेंगे ।

जो बाइडेन ने कहा कि सैनिकों के परिवार के साथ हमारी संवेदनाएं हैं। हम अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों को बचाएंगे और अपने अफगान सहयोगियों को बाहर निकालेंगे, हमारा मिशन जारी रहेगा, जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फौज भी भेजेंगे।तालिबान ने अब तक 15 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। इसमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। तालिबान ने इसे आतंकी हमला बताया है। एयरपोर्ट पर एक शख्स ने बताया कि उसकी गोद में ही उसके बच्चे की मौत हो गई।

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