राजस्थान सरकार किसानों से एमएसपी रेट पर खरीदे बाजरा, केंद्र सरकार उसे गरीबों को देगी: चौधरी

174
Rajasthan government will buy millet from farmers at MSP rate, the central government will give it to the poor: Chaudhary
कैलाश चौधरी ने कहा कि मैंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि जल्द से जल्द किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भिजवाएं ।

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने बुधवार को अपने दिल्ली स्थित आवास पर राजस्थान में एमएसपी दर से बाजरे की खरीद शुरू करवाने और उसे पीडीएस के लिए वितरण प्रणाली में जोड़ने से सम्बंधित विषय पर एक प्रेसवार्ता को सम्बोधित किया। संवाददाताओं से बातचीत में कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस उद्बोधन में कुपोषण से लड़ने के लिए पोषक अनाजों की महत्व के बारे में बताया था। राजस्थान प्रदेश में बाजरे की पैदावार अच्छी मात्रा में होती है तथा बाजरा पोषक आहार की श्रेणी में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने बताया कि मेरी जानकारी में आया है कि राजस्थान सरकार द्वारा किसानों से बाजरे की खरीद नहीं की जा रही है, जबकि केंद्र सरकार खरीदे गए बाजरे को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरण के लिए तैयार है। कैलाश चौधरी ने कहा कि मैंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि जल्द से जल्द किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भिजवाएं, ताकि केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से जन जन तक बाजरे जैसे पोषक आहार को पहुंचाया जा सके।

योजनाओं से बढ़ा रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन :

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने केंद्र सरकार की कृषि हितैषी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना काल में मोदी सरकार और देश के किसानों के सामने अनेक चुनौतियां सामने आईं, लेकिन दोनों ने मिलकर चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया। मोदी सरकार ने संकट के समय किसान सम्मान निधि और अन्य किसान हितैषी नीतियां बनाकर और फैसले लेकर किसानों की पूरी मदद की।

वहीं किसानों ने भी सरकार से मिली सुविधाओं का पूरा लाभ उठाया और कड़ी मेहनत की। इसका नतीजा है कि आज देश में खाद्यान्न का रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है। कैलाश चौधरी ने कहा कि देश का खाद्यान्न उत्पादन फसल वर्ष 2020-21 में 3.74 प्रतिशत बढ़कर 308.65 मिलियन टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। यह 2019-20 के उत्‍पादन की तुलना में 11.14 मिलियन टन अधिक है।

इसे भी पढ़ें…

छोटे किसानों का दर्द

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here